मेरी रोशनी
जीवंत ऊर्जा के साथ, आसपास में संतुलन बनाए रखने वाली सुलह कराने की भूमिका निभाते हैं। राय बंटने पर भी दोनों पक्षों की बात सुनकर बीच का रास्ता निकाल लेते हैं, जिससे बातचीत नरमी से आगे बढ़ती है। ताज़ा नज़रिया और भरपूर सहनशीलता की वजह से साथ रहने पर माहौल हमेशा जीवंत रहता है।
सच्चाई की रोशनी
दोनों तरफ़ की बात सुनना अच्छा लगता है, पर आखिर में खुद का कोई फैसला ही नहीं ले पाते, पूरा वाला उलझाव। सबकी बात मानते-मानते अपनी राय गुम हो जाती है, सही मौके पर बोलना भी छूट जाता है।
सच्चाई की रोशनी थोड़ी तीखी है। तैयार हैं तो तीन बार खटखटाइए।